Wednesday, April 15, 2009

वृंदावनलाल वर्मा




वृंदावनलाल वर्मा का जन्म ०९ जनवरी १८८९ ई० को मऊरानीपुर झाँसी (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। पिता का नाम अयोध्या प्रसाद था। पौराणिक तथा ऐतिहासिक कथाओं के प्रति बचपन से ही इनकी रुचि थी। प्रारम्भिक शिक्षा भिन्न-भिन्न स्थानो पर हुई। बी.ए. पास करने के बाद इन्होंने कानून की परीक्षा पास की और झाँसी में वकालत करने लगे। १९०९ ई० में 'सेनापति ऊदल' नामक नाटक छपा जिसे तत्कालीन सरकार ने जब्त कर लिया। १९२० ई० तक छोटी छोटी कहानियाँ लिखते रहे। १९२७ ई० में [[गढ़ कुण्डार]] दो महीने में लिखा। १९३० ई० में [[विराटा की पद्मिनी]] लिखा। अपनी साहित्यिक सेवाओं के लिए वृंदावनलाल वर्मा को आगरा विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट्. की उपाधि से सम्मानित किया गया।

'''प्रकाशित कृतियाँ'''- '''(उपन्यास)'''- [[गढ़ कुण्डार]]-१९३० ई०, लगन -१९२८ ई०, संगम -१९२८ ई०, प्रत्यागत -१९२७ ई०, कुण्डली चक्र -१९३२ ई०, प्रेम की भेंट- १९२८ ई०, [[विराटा की पद्मिनी]]- १९३६ ई०, [[मुसाहिब जू]] -१९४६ ई०, कभी न कभी -१९४५ ई०, [[झाँसी की रानी(उपन्यास)]]- १९४६ ई०, [[कचनार(उपन्यास)]]- १९४७ ई०, अचल मेरा कोई -१९४७ ई०, माधव जी सिन्धिया- १९५७ ई०, टूटे काँटे -१९५४ ई०, [[मृगनयनी]] -१९५० ई०, सोना -१९५२ ई०, अमरवेल -१९५३ ई०, भुवन विक्रम -१९५७ ई०,

Wednesday, November 05, 2008

संगमन के फोटो






































































Wednesday, February 13, 2008

वृन्द

वृन्द का वास्तविक नाम वृन्दावनदास था़। वृन्द जाति के सेवक अथवा भोजक थे। वृन्द के पूर्वज बीकानेर के रहने वाले थे परन्तु इनके पिता रूप जी जोधपुर के राज्यान्तर्गत मेड़ते में जा बसे थे। वहीं सन् १६४३ में वृन्द का जन्म हुआ था। वृन्द की माता का नाम कौशल्या आर पत्नी का नाम नवरंगदे था। दस वर्ष की अवस्था में ये काशी आये और तारा जी नामक एक पंडित के पास रहकर व॓न्द ने साहित्य, दर्शन आदि विविध विधयों का ज्ञान प्राप्त किया।मेड़ते वापस आने पर जसवन्त सिंह के प्रयास से औरंगजेब के कृपापात्र नवाब मोहम्मद खाँ के माध्यम से वृन्द का प्रवेश शाही दरवार में हो गया़। दरबार में "पयोनिधि पर्यौ चाहे मिसिरी की पुतरी" नामक समस्या की पूर्ति करके इन्होंने औरंगजेब को प्रसन्न कर दिया। उसने वृन्द को अपने पौत्र अजी मुशशान का अध्यापक नियुक्त कर दिया। जब अजी मुशशान बंगाल का शाशक हुआ तो वृन्द उसके साथ चले गए। सन् १७०७ में किशनगढ़ के राजा राजसिंह ने अजी मुशशान से वृन्द को माँग लिया। सन् १८३५ में किशनगढ़ में ही वृन्द का देहावसान हो गया।
वृन्द की ग्यारह रचनाएँ प्राप्त हैं- समेत शिखर छंद, भाव पंचाशिका, श्रृंगार शिक्षा, पोन पचीसी, हितोपदेश सन्धि, वृन्द सतसई, वचनिका, सत्य स्वरूप, यमक सतसई, हितोपदेशाष्टक, भारत कथा, वृन्द ग्रन्थावली नाम से वृन्द की समस्त रचनाओं का एक संग्रह डा० जनार्दन राव चेले द्वारा संपादित होकर १९७१ ई० में प्रकाश में आया है।

Friday, December 21, 2007

अज्ञेय


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी


अज्ञेय का पूरा नाम सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन है। इनका जन्म मार्च १९११ ई. में हुआ। बचपन लखनऊ, कश्मीर, बिहार और मद्रास में बीता। बी.एस.सी. करके अंग्रेजी में एम.ए. करते समय क्रांतिकारी आन्दोलन से जुड़कर फरार हुए और १९३० ई. के अन्त में इन्हें पकड़ लिया गया।
अज्ञेय प्रयोगवादी कवि हैं। अनेक जापानी हाइकु कविताओं का अनुवाद अज्ञेय ने किया। वे बहुआयामी व्यक्तित्व के एकान्तमुखी प्रखर कवि हैं।
प्रकाशित रचनाएँ-
(कविता)-
भग्नदूत १९३३
चिन्ता १९४२
इत्यलम्१९४६
हरी घास पर क्षण भर १९४९
बावरा अहेरी १९४५
इन्द्रधनु रौंदे हुये ये १९५७
अरी ओ कस्र्णा प्रभामय १९५९
आँगन के पार द्वार १९६१
समुद्रमुद्रा १९७०
प्रिजन डेज एण्ड अदर पोएम्स (अंग्रेजीमें) १९४६।

(कहानियाँ) -
विपथगा १९३७
परम्परा १९४४
कोठरीकी बात १९४५
शरणार्थी १९४८
जयदोल १९५१।

(उपन्यास)-
शेखर एक जीवनी-प्रथम भाग १९४१
द्वितीय भाग १९४४
नदीके द्वीप १९५२
अपने - अपने अजनबी १९६१।

(यात्रा वृतान्त)- अरे यायावर रहेगा याद? १९४३
एक बूँद सहसा उछली १९६०।
आलोचना त्रिशंकु १९४५
आत्मनेपद १९६०
भवन्ती १९७१
आलवाल १९७१ ई.।

(संपादित ग्रंथ)-
आधुनिक हिन्दी साहित्य (निबन्ध संग्रह)१९४२
तार सप्तक (कविता संग्रह) १९४३
दूसरा सप्तक (कविता संग्रह)१९५१
तीसरा सप्तक (कविता संग्रह)
सम्पूर्ण १९५९
नये एकांकी १९५२
रूपांबरा १९६०।

Saturday, December 08, 2007

अंबिका प्रसाद बाजपेयी

अंबिका प्रसाद बाजपेयी का जन्म सन् दिसम्बर मास में १८८० ई. में कानपुर में हुआ। शिक्षा कानपुर में हुई। इन्होंने संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी तथा फारसी भाषाओं का अध्ययन किया। सन् १९०० ई. में आपने इंट्रेस परीक्षा पास की।
कलकत्ता से प्रकाशित 'हिन्द बंगवासी' तथा 'भारतमित्र' (१९११ १९) के आप संपादक रहे। १९२० से १९३० तक स्वतंत्र का संपादन किया।
सन् १९०४ से १९१९ ई. तक व्याकरण का अध्ययन कर आपने 'हिन्दी कौमुदी' नामक पुस्तक लिखी। 'हिन्दी पर फारसी का प्रभाव' आपका प्रसिद्ध निबंध है।
हिन्दी सेवा, संपादन कला तथा विद्वता से प्रभावित होकर 'हिन्दी साहित्य सम्मेलन' काशी ने आपको अपना सभापति बनाया। आप उत्तर-प्रदेश विधान परिषद के मनोनीत सदस्य भी रहे।

अंबिकादत्त व्यास

भारतेन्दु मण्डल के प्रसिद्ध कवि अंबिकादत्त व्यास का जन्म सन् १८४८ ई. में तथा मृत्यु सन् १९०० ई. में हुई।
कवित्त सवैया की प्रचलित शैली में ब्रजभाषा में रचना की।
प्रसिद्ध कृत्तियाँ र्हैं-
बिहारी बिहार (१८९८ ई.)
पावस पचास,
ललिता (नाटिका)१८८४ ई.
गोसंकट (१८८७ ई.)
आश्चर्य वृतान्त १८९३ ई.
गद्य काव्य मीमांसा १८९७ ई.,
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के समकालीन हिन्दी सेवियों में पंडित अंबिकादत्त व्यास बहुत प्रसिद्ध कवि हैं।

Wednesday, June 20, 2007

साहित्यकारों के चित्र

डॉ॰ कुँअर बेचैन
अनूप अशेष
शिवसिंह पतंग
महादेवी वर्मा
कमलेश भट्ट कमल
डॉ॰ राजकुमार सिंह
डॉ॰ जीवन शुक्ल
ओमप्रकाश चतुर्वेदी पराग
महेश मूलचन्दानी
जगदीश प्रसाद सारस्वत विकल
माखनलाल चतुर्वेदी
डॉ॰ राष्ट्रबन्धु
डॉ॰ इशाक अश्क
डॉ॰ अलका पाठक
डॉ॰ श्रीराम परिहार
दुष्यन्त कुमार
जयशंकर प्रसाद
के.पी.सिंह
पूर्णिमा वर्मन
राधेश्याम बन्धु
विजय
डॉ॰ प्रेमशंकर रघुवंशी
रवि रतलामी
डॉ॰ जगदीश व्योम
द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी
श्रीकृष्ण सरल
मालती जोशी
पं० नरेन्द्र शर्मा
डॉ॰ सुधा गुप्ता
डॉ॰ शैल रस्तोगी

5

4

3

डॉ॰ कुँअर बेचैन






डॉ॰ कुँअर बेचैन
एवं
डॉ॰ व्योम

अनूप अशेष




अनूप अशेष

शिवसिंह पतंग





शिवसिंह पतंग

महादेवी वर्मा





महादेवी वर्मा

Sunday, May 13, 2007

साहित्यकार

Thursday, February 22, 2007

साहित्यकारों के चित्र

कमलेश भट्ट कमल
डॉ॰ राजकुमार सिंह
डॉ॰ जीवन शुक्ल
ओमप्रकाश चतुर्वेदी पराग
महेश मूलचन्दानी
जगदीश प्रसाद सारस्वत विकल
माखनलाल चतुर्वेदी
डॉ॰ राष्ट्रबन्धु
डॉ॰ इशाक अश्क
डॉ॰ अलका पाठक
डॉ॰ श्रीराम परिहार
दुष्यन्त कुमार
जयशंकर प्रसाद
के.पी.सिंह
पूर्णिमा वर्मन
राधेश्याम बन्धु
विजय
डॉ॰ प्रेमशंकर रघुवंशी
रवि रतलामी
डॉ॰ जगदीश व्योम
द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी
श्रीकृष्ण सरल
मालती जोशी
पं० नरेन्द्र शर्मा
डॉ॰ सुधा गुप्ता
डॉ॰ शैल रस्तोगी

डॉ॰ शैल रस्तोगी




डॉ॰ शैल रस्तोगी
Dr. Shail Rastogi

डॉ॰ सुधा गुप्ता




डॉ॰ सुधा गुप्ता
Dr. Sudha Gupta

पं० नरेन्द्र शर्मा




पं० नरेन्द्र शर्मा
Pt. Narendra Sharma

मालती जोशी




मालती जोशी
Malti Joshi

श्रीकृष्ण सरल




श्रीकृष्ण सरल
Shrikrishan Saral

द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी




द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी
Dwarika Prasad Maheswari

डॉ॰ जगदीश व्योम




डॉ॰ जगदीश व्योम
Dr. Jagdish Vyom

रवि रतलामी




रवि रतलामी
Ravi Ratlami

डॉ॰ प्रेमशंकर रघुवंशी




डॉ॰ प्रेमशंकर रघुवंशी
Dr.PremShanker Raghuvanshi

विजय



विजय
Vijay

राधेश्याम बन्धु




राधेश्याम बन्धु
RadheShyam Bandhu

पूर्णिमा वर्मन


पूर्णिमा वर्मन

Purnima Varman

के.पी.सिंह




के.पी.सिंह
K.P.Singh

जयशंकर प्रसाद




जयशंकर प्रसाद
JaiShanker Prasad

दुष्यन्त कुमार



दुष्यन्त कुमार
Dushyant Kumar

डॉ॰ श्रीराम परिहार




डॉ॰ श्रीराम परिहार
Dr. Shriram Parihar

डॉ॰ अलका पाठक



डॉ॰ अलका पाठक
Dr.Alaka Pathak

डॉ॰ इशाक अश्क




डॉ॰ इशाक अश्क
Dr.Isaq Asq

डॉ॰ राष्ट्रबन्धु




डॉ॰ राष्ट्रबन्धु

Dr.RashtraBandhu

माखनलाल चतुर्वेदी




माखनलाल चतुर्वेदी
MakhanLal Chaturvedi

जगदीश प्रसाद सारस्वत विकल




जगदीश प्रसाद सारस्वत 'विकल'
Jagdish Prasad Sarswat 'Vikal"

महेश मूलचन्दानी


महेश मूलचन्दानी
Mahesh Mulchandani

ओमप्रकाश चतुर्वेदी पराग



ओमप्रकाश चतुर्वेदी 'पराग'
Ompraksh Chaturvedi 'Parag'

डॉ॰ जीवन शुक्ल



डॉ॰ जीवन शुक्ल
Dr.Jeevan Shukla

डॉ॰ राजकुमार सिंह



डॉ॰ राजकुमार सिंह
Dr. Rajkumar Singh


डा० राजकुमार सिंह का जन्म 10 जुलाई 1953 ई0 को अंजना भैंरों, किशनपुर, जिला-फतेहपुर (उ0प्र0) में हुआ। आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1975 में एम0ए0 (हिन्दी) प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पांचवाँ स्थान प्राप्त किया। आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1979 ई0 में डी0फिल्0 की डिग्री ली।


प्रकाशित पुस्तकें-
कृपाराम और उनका आचार्यत्व, प्रथम हिन्दी रीति कवि, कबीर: आलोचनात्मक अध्ययन, बिहारी सतसई कोश, विचार विमर्श

संपादन- कन्नौजी लोकोक्ति एवं मुहावरा कोश, साहित्यिक निबन्ध संग्रह, भारती, भोर के स्वर, इड़ा
सहयोगी संपादन- वचनेश रचनावली, सूर शब्द सागर, अवधी शब्द संपदा, अक्षरालोक.
विभिन्न स्तरीय पत्र-पत्रिकाओं तथा इण्टरनेट पर ५५ से अधिक लेख एवं शोधलेख प्रकाशित.
सम्प्रति- वरिष्ठ रीडर एवं विभागाध्यक्ष, दुर्गानारायण पी0जी0 कालेज फतेहगढ़ (उ0प्र0).
संपर्क सूत्र-
तिर्वा कोठी, सिविल लाइन्स, फतेहगढ़ (उ0प्र0) 209601
दूरभाष- 05692-236202

कमलेश भट्ट कमल



कमलेश भट्ट कमल
Kamlesh Bhatt Kamal